60 करोड़ में बना सीएम हाउस हुआ प्रेत बाधा का शिकार, 7 साल में 3 सीएम की मौत
ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री के सरकारी घर को अभिशप्त माना है। अब आगे से कोई भी मुखयमंत्री इस घर में नहीं रहेगा। 60 करोड़ की लागत से यह बंगला 7 साल पहले ही तैयार हुआ था। इन सात सालों में प्रदेश के पांच सीएम बदल चुके हैं। बता दें कि पूर्व सीएम कालिखो पुल ने भी इसी बंगले में आत्महत्या की थी।
---------------------------------------------गेस्ट हाउस बनेगा ये बंगला---------------------------------------------
अब इतना डर बैठ चुका है कि मौजूदा सीएम पेमा खांडू अभी तक इस घर में शिफ्ट नहीं हुए है और वह अपने निजी आवास में ही रहते हैं। यब बंगला अब गेस्ट हाउस बनेगा। तीन मुख्यमंत्रियों और एक कर्मी की असामयिक मौत ने आम जनता के साथ-साथ सरकार को भी इसे भुतहा मानने पर मजबूर कर दिया जिसके चलते इस बंगले में पूजा-पाठ कराने के बाद इसे गेस्ट हाउस में तब्दील किया जा रहा है।
2794 वर्ग मीटर क्षेत्र पर बने बंगले का काम पीडब्ल्यूडी ने किया था। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की मौजूदगी में विशेष पूजा के बाद 14 नवंबर, 2009 को पहली बार दोरजी खांडू इसमें शिफ्ट हुए थे।
--------------------------------------यहां रहे इन 3 मुख्यमंत्रियों की हुई असामयिक मौत----------------------------------
2009 में तत्कालीन सीएम दोरजी खांडू यहां शिफ्ट हुए। इसके बाद हेलीकॉप्टर हादसे में उनकी मौत हो गई थी।
खांडू के बाद जारबोन गैमलिन 6 महीने तक सीएम रहे। इस्तीफा देने के कुछ समय बाद अचानक 53 साल की उम्र में मौत हो गई।
पिछले साल ही सीएम बने कालिखो पुल का शव 9 अगस्त 2016 को एक कमरे में फंदे पर लटका मिला।
कालिखो पुल की मौत के 2 महीने बाद ही बंगले का एक कर्मचारी भी संदिग्ध हालात में उनके पास वाले कमरे में फंदे पर लटका पाया गया।
पंडित ने बताया था वास्तु दोष
मुख्यमंत्री रहते हुए नबाम तुकी ने गुवाहाटी के एक वास्तु पंडित से बंगले की जांच करवाई थी। पंडित ने इसमें कुछ वास्तु दोष बताए थे।
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